Tuesday, January 20, 2026
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लम्बे विरोध व नाराजगी के बाद आखिर टिहरी बांध किनारे बनी अवैध मस्जिद हटाने के निर्देश।

टिहरी (गढ़वाल) 01 अक्टूबर 2021 (हि. डिस्कवर)।

पुलिस व टिहरी गढ़वाल के हिन्दू संगठन के बीच तीख़ी झड़प के बाद क्षेत्रीय जनता की बढ़ती नाराजगी के कारण आखिरकार प्रशासन ने उत्तराखंड के टिहरी बाँध के पास बनी अवैध मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

ज्ञात हो कि बीते कई दिनों से टिहरी गढ़वाल जिला इस अवैध मस्जिद को लेकर चर्चा में था। स्थानीय लोग और हिंदू संगठन इसे हटाने की माँग कर रहे रहे थे। प्राप्त सूचना के अनुसार विगत  30 सितंबर 2021 को अधिकारियों ने खंड-खाला कोटी कॉलोनी में बनी इस अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के सामने विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता अक्षत बिजल्वाण व पुलिस के बीच इस दौरान तीखी झड़प भी हुई।  इस झड़प का वीडियो वायरल होने के बाद देशव्यापी देशव्यापी हंगामा हुआ और इसका संज्ञान एलआईयू की रिपोर्ट व सोशल साइट के माध्यम से जैसे ही पुलिस महकमे के आला अफसर व मुख्यमंत्री व केंद्र तक पहुंचा आनन फानन जिला प्रशासन टिहरी को आखिरकार  इसे हटाने का फैसला लेना पड़ा।

आज (30 सितंबर 2021) मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई शुरू होने की जानकारी अक्षत ने ऑपइंडिया को फोन कर दी। उन्होंने कार्रवाई का वीडियो भी साझा किया, जिसमें पिछले 20 सालों से बने अस्थायी ढाँचे को हटाया जा रहा। सरकारी जमीन पर कब्जा कर खड़े किए गए इस ढाँचे का स्थानीय लोग लंबे वक्त से विरोध कर रहे थे।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार “हर शुक्रवार को सैकड़ों मुसलमान यहाँ नमाज अदा करने आते थे। नमाज अदा करने के बाद ज्यादातर लोग सड़क पर ही बैठ जाते थे। पास में ही एक कॉलेज है और इस सड़क से अक्सर मोहल्ले की महिलाएँ गुजरती हैं।

अक्षत बिजल्वाण के अनुसार यहां खासकर शुक्रवार को इलाके में उत्पीड़न के अनगिनत मामले सामने आए हैं, जहाँ सौ से ज्यादा मुस्लिम सड़क के किनारे बैठे रहते थे। हमने कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।”

मस्जिद को हटाने की माँग के लिए सितंबर 2021 के पहले सप्ताह में अक्षत और हिंदू संगठनों के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने मस्जिद के खिलाफ फिर से विरोध शुरू किया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन और जमीन के मालिक पर्यटन विभाग ने पहले ही निरीक्षण कर अवैध मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इस क्षेत्र को दूसरे सभी अवैध ढाँचों को पहले ही हटा दिया गया था, लेकिन मस्जिद को नहीं हटाया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय लोगों की माँग के खिलाफ मस्जिद प्रशासन ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग में अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद याचिका पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को तलब किया और कार्रवाई पर रोक लग गई। 25 सितंबर को एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और वादा किया कि जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि ये जमीन पर्यटन विभाग की है और उसने मस्जिद को अवैध घोषित कर रखा है। हालाँकि, एसडीएम ने इस बात पर भी जोर दिया था कि चूँकि इस मामले में अल्पसंख्यक आयोग भी शामिल था, इसलिए स्थानीय लोगों को इसे हटाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

सलूट ऑपइंडिया…! आपने इसे प्रमुखता से सिर्फ खबर ही नहीं बनाया बल्कि पूरे देश भर के सोशल प्लेटफार्म पर भी ट्रेंड किया। आपकी रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर पर नेटिजन्स द्वारा उठाया गया था। सवाल पूछा गया कि राज्य अल्पसंख्यक आयोग एक अवैध ढाँचे को हटाने की उचित प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश क्यों कर रहा है। आखिर आपके व जागरूक हिन्दू संगठन के युवाओं के प्रयासों के चलते देवभूमि टिहरी की जमीन में अचानक उगी मस्जिद के डिस्पोजल के आदेश हो गए।

टिहरी पुलिस व हिन्दू संगठन कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक।

क्या कहती है अब टिहरी पुलिस।

स्वामी दर्शन भारती ने कुछ यों किया सोशल साइट पर ट्वीट।

🚩देवभूमि उत्तराखंड के हिन्दू धर्म रक्षकों की चेतावनी काम आई। मस्जिद को हटाया गया।🙏🏽🚩🔱
हिंदू धर्म सनातन रक्षकों आपकी आवाज को आखिर में जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल को सुनना पडा। इस अवैध मस्जिद को हटाने पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी उत्तराखंड शासन ।टिहरी के जिला अधिकारी। एस एस पी। एस डी एम। एवं टिहरी प्राशासन के सभी अधिकारियों ।जिनकी सूझ बूझ से मामला हल किया गया।को धन्यवाद 🙏🏽
सभी सम्मानित हिंदू धर्म रक्षकों सभी संगठनों का आभार व्यक्त करता हूं कि आप लोगों की वजह से आज टिहरी में 20 साल जिस मस्जिद हटाने का प्रयास पूर्व में भी किया गया वह अब साकार हुआ आप सभी लोगों के कारण सभी लोगों ने अपने अपने स्तर से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई और धन्यवाद सरकार का जो उन्होंने आपकी बात को सम्मानजनक ढंग से माना। विशेष रुप से टिहरी के हिंदू धर्म रक्षकों का मन कर्म वचन से जय बद्री विशाल कहकर अभिनंदन करता हूं जिन्होंने इस मस्जिद के खिलाफ हुंकार भरी और उनकी हुंकार में सारा उत्तराखंड एक हुआ इस विषय पर हम उन मुस्लिम समाज के लोगों को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं जिन्होंने देवभूमि की संस्कृति परंपरा का पालन करते हुए मस्जिद को हटाया। हिंदू धर्म रक्षकों एक रहोगे निश्चित रूप से कोई भी देवभूमि अतिक्रमण करके मस्जिद मदरसा मजार चर्च नहीं बना सकता आगे देखना होगा कि देवभूमि ऐसे अतिक्रमण कर के बनाए हुए जगहों पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी खाली करेगी सरकारी जमीनोंको ।मेरा आप सभी धर्म रक्षकों से विनम्र निवेदन है कि जो नयी मस्जिद बनाने की बात कही जा रही है उसे नहीं बनने दिया जाएगा इसके लिए हर तरह से तैयार रहना होगा।इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे जिससे देवभूमि उत्तराखंड के हिंदू धर्म सनातन रक्षकों का हौसला बढ़ाया जा सकता है 🙏🏽
🚩 जय बदरी जय बागेश्वर जय केदार जय जागेश्वर 🚩
हर हर महादेव हर हर गंगे जय श्री राम जय सनातन धर्म की जय देवभूमि के कण-कण में व्याप्त ईस्टदेवताओ की 🙏🏽

बहरहाल यह हिन्दू संगठनों व क्षेत्रीय जनता की बड़ी जीत कही जा सकती है। ज्ञात हो कि 1981 तक प्रदेश में पौड़ी अल्मोड़ा के अलावा मात्र एक आध शहर में ही मस्जिद थी जबकि  राज्य निर्माण के बाद मस्जिदों की पूरे प्रदेश भर में बाढ़ सी आ गयी और एक ताजा अनुमान के तहत उत्तराखंड प्रदेश में अब 1700 से अधिक मस्जिदें निर्मित हो गयी हैं।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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