पीठसैंण (पौड़ी गढ़वाल) 01 अक्टूबर 2021 (हि. डिस्कवर)
क्रिकेट की भाषा में अगर कहूँ तो 20-20 के मैच में धामी जी को आखिरी ओवर में उतारा गया है। धामी जी काफी ‘धाकड़ बल्लेबाज’ है। उन पर उत्तराखण्ड के लोगों की बहुत सारी उम्मीदें टिकी हुई हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि इन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
ये शब्द पौड़ी गढ़वाल की उस धरती के मंच से बोले हों या न बोलें हों जहां वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का जन्म हुआ लेकिन उन्होंने ट्वीट पीठसैण पहुँचने के बाद यह ट्वीट जरूर किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शान में पढ़े गए या लिखे गए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ये कसीदे यों ही उत्तराखण्ड की वादियों घाटियों में नहीं गूंजें अपितु यकीनन मुख्यमंत्री धामी ने जिस कार्यप्रणाली के साथ विषम परिस्थितियों में उत्तराखंड सरकार ला मुख्यमंत्री पद संभाला उसे कांटो भरा ताज कहा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को तो पता भी नहीं था कि वे मुख्यमंत्री भी बनेंगे लेकिन एकाएक मुख्यमंत्री बन जाने के बाद उन्होंने जिस तरह सिस्टम की बागडोर संभालते हुए दूध में पड़ी मक्खी की तरह आते ही मुख्य सचिव ओम प्रकाश को कुर्सी से हटाया वह सन्देश आग की तरह पूरे प्रदेश में फैल गया। जाम अफसरशाही हरकत में आई और जिन अफसरों का इंजन जाम था उसे रमा करने के लिए उन्होंने उन्हें ऐसे विभागों में पटक दिया या खाली हाथ कर दिया जिसके बारे में कभी उन्होंने सोचा भी न होगा।
धामी के कार्य करने की प्रणाली व व्व्हारिकता ने उन्हें सबका मुरीद बना दिया। विपक्ष ने अगर उन पर वार भी किया हो तो उन्होंने उसकी परवाह किये बगैर बिना कुछ कहे सचिन तेंदुलकर की तरह पिच पर बल्ला सम्भाले रखा व अपनी बल्लेबाजी से उनके प्रश्नों का माकूल जबाब भी दिया। शायद यही कारण है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके कार्यों की समीक्षा कर ट्वीट कर उन्हें “धाकड़ बल्लेबाज” कहा हो।


