ऋषिकेश/देहरादून (हि. डिस्कवर )।
यों तो मेयर बनने के बाद से ही मेयर श्रीमती अनिता ममगांई सुर्खियों पर रह है व कई विवादों से उनका नाता रहा है। चाहे कुछ पत्रकारों को थाने बुलवाकर धमकाने का मामला रहा हो या फिर पार्षदों व पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करवाने का मामला, मेयर इन मामलों से हमेशा दो चार रही हैं।
अब लगता है कि उनके भाजपा संगठन ने भी उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का मन बना लिया है। अपनी ही पार्टी के पार्षदों से अनबन और मंडलाध्यक्ष से समन्वय हीनता ने ऋषिकेश की मेयर अनिता ममगाई को बैकफुट पर ला दिया है। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने इस सिरफुटौव्वल को गंभीरता से लेते हुए मेयर अनिता ममगाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हफ्ते भर में जवाब न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निगम गठन और मेयर की ताजपोशी के बाद से ही सुलग रही मतभेदों की आग आखिरकार भड़क ही गई है। इतना ही नहीं विवादों ने पार्टी गाइडलाइंस को दरकिनार कर कुछ मीडियाकर्मियों के माध्यम से सुर्खियों में रहने की उनकी दिनचर्या ने भी भाजपा संगठन को नाखुश किया हुआ है ।
आखिरकार सब्र का बांध टूटने के बाद प्रदेश भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया और मेयर अनिता ममगाई को अनुशासन का पाठ पढ़ाने की ठान ली है। इसी क्रम में प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने अनिता ममगाई को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने मेयर अनिता ममगाई को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट उल्लेख किया है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देशानुसार उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। और स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि धारा 25 (घ) तहत उन पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है।
ऐसे में अब देखना यह है कि मेयर अनिता ममगांई इस प्रकरण से अपने आप को कैसे बचा पाती हैं। फिलहाल जिस तरह प्रदेश महामंत्री का पत्र वायरल हुआ है उससे ऐसा आभास होता है कि प्रदेश संगठन भी मेयर को बख्शने के मूड में नहीं है।

