Wednesday, January 21, 2026
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कोविड के भय से बाहर निकलने को सकारात्मक दृष्टिकोण जरूरी-कुलपति डॉ.विजय धस्माना

● कोविड के स्वास्थ्य, सामाजिक व आर्थिक तौर पर प्रभावों के समाधान को लेकर वेबिनार आयोजित।
● एसआरएचयू के कुलपति डॉ.विजय धस्माना, मेदांता हॉस्पिटल के प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.रजनीश कपूर व बॉलीवुड एक्टर अनूप सोनी ने रखे विचार।
● वेबिनार में एसआरएचयू के छात्र-छात्राओं ने भी किया प्रतिभाग, पैनलिस्ट से पूछे सवाल।

देहरादून 17 अगस्त 2021 (हि. डिस्कवर)।

कोविड के प्रभाव व बचाव को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार में दिल्ली से प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.रजनीश कपूर, जॉलीग्रांट से एसआरएचयू के कुलपति डॉ.विजय धस्माना व मुंबई से एक्टर अनूप सोनी मुख्य वक्ता रहे जबकि संचालन एमसी धारना ने किया।

तीसरी लहर को संयुक्त प्रयासों से रोकना संभव।

वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि हमें सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतनी होगी। कोरोना की तीसरी लहर को तभी रोका जा सकता है, जब हम सभी जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करेंगे।

कोविड काल में भी प्रदान की गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवा।

कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि कोविड की पहली और दूसरी लहर में हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट मरीजों को गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवा देने से पीछे नहीं हटा। हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर्स, नर्सेज, तकनीशियन सहित तमाम कर्मचारियों व मेडिकल स्टूडेंट्स के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। कोविड काल में राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवा के जरिये हिमालयन हॉस्पिटल ने रोगियों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध करवाया।

कोरोना काल में भी शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रही।

कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि एसआरएचयू की प्राथमिकता छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य है, लेकिन उसके साथ उनके सुरक्षित भविष्य का भी हमने ध्यान रखा है ताकि उनका समय खराब न हो। कोविड काल में समय पर सुचारु रुप से उनकी कक्षाओं का संचालन किया और समय पर परीक्षा कराने का बाद परीक्षा परिणाम जारी भी किया। अब विश्वविद्यालय ने नवीन सत्र में विभिन्न कोर्सेस के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।

युवाओं को सक्षम बनाना लक्ष्य।

कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार की सुविधाऐं प्रदान करना है। उत्तराखण्ड के युवाओं को सक्षम व स्वावलम्बी बनाया जाए ताकि वे राज्य को सृदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके। इस दिशा में हमने काम करना शुरू कर दिया है। राज्य के सभी क्षेत्रों में हजारों युवाओं को कोर्स के माध्यम से होम-स्टे के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। इसके अलावा पहाड़ में युवाओं व ग्रमीणों को पारंपरिक कृषि के विकल्प के रुप में व्यवसायिक कृषि का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

योग व ध्यान लगाकर कोविड भय से बाहर निकलें।

कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि कोविड काल में हर तरफ नेगेटिविटी है, लेकिन योग व ध्यान इससे उबरने की शक्ति प्रदान करता है। भय, मानसिक अवसाद, उदासीनता के बीच स्वस्थ मन के साथ कैसे रहें योग यह बताता है।

मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अब भी जरूरी।

मेदांता हॉस्पिटल के प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.रजनीश कपूर ने कहा कि कोविड नियमों के पालन करना ही होगा। उन्होंने मास्क लगाने, टीका लगवाने, दूसरी खुराक लेने, समुदाय को टीका लगवाने, अगले कुछ महीनों तक सार्वजनिक स्थान पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने पर भी जोर दिया।

कोविड-19 महामारी एक विश्व युद्ध है।

वेबिनार को संबोधित करते बॉलीवुड एक्टर अनूप सोनी ने कोविड काल में बॉलीवुड इंडस्ट्री किस तरह प्रभावित हुई इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी एक विश्व युद्ध है। हमको दूसरी लहर से बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों के यह बताने का अनुभव बेहद दर्दनाक व दुखद था कि उनके पास हॉस्पिटल में कोई बिस्तर नहीं है। अधिकांश दोस्तों या परिवार ने महामारी में अपने प्रियजनों को खो दिया है।

एसआरएचयू के इन स्टूडेंट्स ने पूछे सवाल।

वेबिनार में एसआरएचयू के विभिन्न कॉलेज के भी छात्र-छात्राएं जुड़े। उन्होंने पैनलिस्ट से अपने सवाल पूछे। वक्ताओं ने भी उन्होंने संतुष्टपूर्ण जवाब दिए। वेबिनार में एमबीए की छात्रा रजना असवाल, बीटेक की छात्रा मोनिका कुकरेती, योगा कॉलेज से आकृति नौटियाल, एबीबीएस के छात्र विदित पुरी, नर्सिंग की छात्रा कनिका बिष्ट, बायोसाइंस की छात्रा तान्या रावत, भी जुड़ीं।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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