(मनोज इष्टवाल)
मुट्ठी भींचकर अपने पति को अंतिम विदाई देने वाली देश की इस की वह फोटो तभी आंखों महसूस करवा गई थी कि ये दोनों हाथ भले ही अंतिम प्रणाम की मुद्रा में भींचे गए हों लेकिन इस बेटी ने आज कसम उठा ली है कि मेजर ढौंढियाल के कातिलों को वह चुन-चुन कर बदला लेेंगी। यह सब कर गुजरने में मात्र पौने दो साल लगे।निकिता कौल ढौंढियाल ने शनिवार को इंडियन आर्मी ज्वाइन कर ली है। निकिता इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बनी हैं। उन्होंने आज भारतीय सेना की वर्दी पहन मेजर विभूति शंकर को श्रद्धांजलि दी।
“दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए।” यह कहावत इस मिट्टी में जन्मी बेटियों ने सतयुग द्वापर त्रेता और कलयुग में अवश्य चरितार्थ की है। अब चाहे नव दुर्गा हों या फिर गढ-कुमाऊँ की वीरांगना रानी कर्णावती, जिया माँ, तीलू रौतेली इत्यादि हों या फिर निकिता कौल ढौंढियाल की जन्मभूमि की रानी दिद्दा । सभी ने अपनी धरा व स्वाभिमान की रक्षा के लिए न सिर्फ विरोधियों के दांत खट्टे किये बल्कि हंसते हंसते जान भी दे दी।
निकिता कौल के विवाह को अभी 10 माह ही तो गुजरे थे, जब उनके पति मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल ने 2019 में पुलवामा में सर्वोच्च बलिदान दिया था।
अपने पति मेजर विभूति ढौंढियाल की शहादत पर निकिता ने कहा था कि विभु की राह पर चलना और उनके अधूरे सपने को पूरा करना मेरा काम है और इसी तरह मैं उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहती हूं। निकिता शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) परीक्षा और सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) का इंटरव्यू पास करने के बाद पिछले साल से ही चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी में ट्रेनिंग ले रही थी।
(फ़ाइल फोटो 2019)
मेजर ढौंढियाल का शव जब उनके घर पहुंचा था तब उनकी पत्नी निकिता कौल ने कहा था कि उन्हें अपने पति पर गर्व है। उन्होंने पति को सैल्यूट करते हुए कहा था कि आपने मुझसे झूठ कहा था कि आप मुझसे प्यार करते हो। आप मुझसे नहीं अपने देश से ज्यादा प्यार करते हैं, और मुझे इस पर गर्व है।
उन्होंने कहा था, ‘आप बहादुर आदमी हैं। मैं आपको अपने पति के रूप में पाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं। मैं आपको अपनी आखिरी सांस तक प्यार करूंगी। मेरा जीवन आपके लिए ऋणी है। हां, यह दुख की बात है कि आप जा रहे हैं लेकिन मुझे पता है कि आप हमेशा मेरे आसपास रहोगे।’
यह कम सुखद नहीं है कि पुलवामा में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी निकिता कौल ढौंढियाल जिन्होंने कई लोगों को प्रेरित किया, ने दॄढ निश्चय कर अपने पति की शहादत के बाद से ही दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की नौकरी के साथ-साथ आर्मी जॉइन करने की तैयारी शुरू कर दी और कर्मचारी चयन आयोग के लिखित और साक्षात्कार में उत्तीर्ण 28 वर्षीय नितिका ढौंडियाल मेरिट सूची के प्रकाशन का इंतजार कर रही हैं जिसके आधार पर उन्हें सेना में कमीशन दिया जाएगा।
नितिका कौल ने अपने एक साक्षात्कार में कहा था “विभु हर संभव सद्गुण की एक चलने वाली अभिव्यक्ति थे। प्यार, करुणा, बहादुरी, बुद्धिमत्ता और दूसरों की मदद करना। मैं उन्हें गौरवान्वित करूंगा। हमारा प्यार तब तक गायब नहीं हो सकता जब तक हम जीवित नहीं रहते और उनकी बहादुरी की कहानियां पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।”
ज्ञात हो कि मेजर ढौंढियाल और उनकी पत्नी के परिवारों के करीबी लोगों ने कहा कि दोनों परिवारों ने शुरू में नितिका के सेना में शामिल होने के फैसले का विरोध किया था, लेकिन निकिता पर तो मानों माटी का कर्ज अदा करने का भूत सवार हो चुका हो। उनके दृढ़ संकल्प में न उनके मायके पक्ष की एक चली न ससुराल पक्ष की,और आखिर उन्होंने एक नई गाथा लिख ही दी है।
लेफ़्टिनेंट निकिता बैज अलंकरण करते समय लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने निकिता से कहा “उन्हें गर्व है कि उन्हें उनके कांधे पर स्टार सजाने का मौका मिला।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निकिता कौल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “पुलवामा हमले के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले, शौर्य चक्र से सम्मानित मेजर विभूति शंकर ढौंढियाल जी की पत्नी श्रीमति नीतिका जी का सेना में भर्ती होना न केवल उनके वीर पति को सच्ची श्रद्धांजलि है, अपितु उत्तराखण्ड के लिए भी गौरव का क्षण है। उनकी राष्ट्र निष्ठा को मेरा प्रणाम।”
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित विभिन्न राजनैतिक हस्तियों के अलावा पीआरओ रक्षा मंत्रालय के सभी कार्यालयों द्वारा निकिता कौल ढौंढियाल को ट्वीट कर शुभकामनाएं प्रेषित की गई।



