देहरादून (हि. डिस्कवर) ।
फिर से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का एक फैसला पलटते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने समाज के हित में बड़ा कदम उठाते हुए कोटद्वार में बनने जा रहे मेडिकल कॉलेज को सिर्फ मंजूरी ही नहीं दी बल्कि उसका टोकन मनि भी जारी कर दिया है, जबकि सूत्रों के अनुसार इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
आज सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कोटद्वार में बनने वाले मेडिकल कॉलेज को 1 करोड़ की धनराशि टोकन मनी के रूप में स्वीकृत करने से सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों के साथ साथ पूरे पौड़ी जनपद तथा कोटद्वारवासियों में खुशी की लहर छा गयी है।
पौड़ी जनपद तथा कोटद्वारवासियों काफी लंबे समय से इस मेडिकल कॉलेज की राह देख रहे थे। वनमंत्री डॉ हरक सिंह रावत के अथक प्रयासों से आज पौड़ीवासियों तथा कोटद्वारवासियों के ये सपना साकार हो पाया है। मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने अपनी तथा सम्पूर्ण क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ह्रदय से आभार व्यक्त किया।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर टोकन मनि के रूप में एक करोड़ रुपये की राशि जारी किये जाने पर क्षेत्रीय विधायक व वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने खुशी जाहिर करते हुए खुले दिल से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की प्रशंसा करते हुए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व प्रदेश के अपने सहपाठी मंत्रिमंडल का तहेदिल शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण से सिर्फ कोटद्वार पौड़ी ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर क्षेत्र तक को लाभ मिलेगा। उन्होंने समस्त पौड़ी की जनता की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
कोटद्वार में इन मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द ही प्रारम्भ हो जाएगा। कोटद्वार में इस सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय (मेडिकल काॅलेज) के निर्माण से हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा देहरादून ही नही बल्कि गढवाल और कुमाऊ के पर्वतीय क्षेत्रों को भी इस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल पाएगा।
कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के ओएसडी विनोद रावत ने कहा डॉ. हरक सिंह रावत द्वारा सदैव कोटद्वार तथा उत्तराखंड के विकास लिए जो कार्य किये जा रहे है वो निश्चित ही काबिले तारीफ है।
वही कोटद्वार में हरक समर्थकों व जनता को जैसे ही इस फैसले की जानकारी हुई चारों तरफ खुशी का माहौल हो गया। होली से पहले ही लोग होली खेलने लगे। लोगों को एक नई उम्मीद जगी है कि यह मेडिकल कॉलेज पहाड़ के लिए बड़ी संजीवनी साबित होगा।

