देहरादून 23दिसम्बर 2020 (हि. डिस्कवर)
श्री राज्यपाल मैनुअल ऑफ़ गवर्मेंट ऑर्डर्स के पैरा-243 तथा निगेशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 (एक्ट संख्या 26, 1881) की धारा 25 के प्रदत्त अधिकारों के तहत राज्यपाल उत्तराखंड सरकार द्वारा सन 2021 (शक संवत 1942-43) के अवकाशों की सूची में प्रदेश का प्रमुख हरेला पर्व भी शामिल कर दिया है जो उत्तराखंड राजकीय अवकाश में शामिल हो गया है! अब हर बर्ष यह अवकाश 16 जुलाई को मनाया जाएगा!
ज्ञात हो कि सोशल साईट पर प्रदेश में छट पूजा पर दिए जाने अवकाश को लेकर उत्तराखंड की जनता में इस बात की नाराजगी रहती थी कि उत्तराखंड का कोई भी पर्व राजकीय अवकाश की श्रेणी में शामिल नहीं किया जा रहा है! इस पर अक्सर लोगों की आम राय होती थी कि छठ पूजा अवकाश इसलिए दिया जाता है क्योंकि प्रदेश में बिहारी नौकरशाहों की लॉबी ही पूरा प्रदेश चला रही है! जबकि छठ की श्रेणी में आने वाले उत्तराखंडी त्यौहारों में बसंत पंचमी, वीर केसरीचंद शहीद दिवस व बैशाखी भी शामिल हैं!
हरेला पर्व पर राजकीय अवकाश की घोषणा होना अब वर्तमान मंत्री त्रिवेंद्र सरकार की उपलब्धि से जोड़कर देखा जाएगा! ज्ञात हो कि हरेला पर्व कुमाऊं का मुख्य पर्व था जो हरित क्रान्ति का सूचक है लेकिन इसे प्रदेश व्यापी रूप देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रयासों की सराहना होनी चाहिए क्योंकि तब से वर्तमान तक इसे अब गढवाल-कुमाऊं के लोग मनाते आ रहे हैं!

