देहरादून 19 दिसम्बर 2020 (हि. डिस्कवर)।
●चौंदकोट की बेटी व यमकेश्वर की बहू कात्यायिनी ने जज परीक्षा सेकेंड टॉप से उत्तीर्ण की।
कहते हैं पूत के पांव पालने से ही दिखाई देते हैं। ऐसा ही कुछ कात्यायिनी शर्मा कंडवाल के बारे में तब से कहा जाने लगा था जब वह पौड़ी के सैंट थॉमस स्कूल की हाई स्कूल की छात्रा थी। अब कात्यायिनी शर्मा कंडवाल ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज का फाइनल एग्जाम पास ही नहीं किया बल्कि उसमें सेकेंड टॉप रैंकिंग हासिल कर पौड़ी गढ़वाल का मान बढ़ाया है।
पौड़ी गढ़वाल के चौंदकोट मवालस्यूँ ग्राम मरड़ा में जन्मी कात्यायिनी के पिता आर ई एस में कार्यरत थे जिनका देहांत 2007 में हो गया था। तब कात्यायिनी 11वीं की छात्रा थी। उनकी माँ श्रीमती कुसुम शर्मा पेशे से अध्यापिका हैं व वर्तमान में देहरादून के प्राथमिक विद्यालय कारगी में प्रधानाध्यापिका हैं।
श्रीमती कुसुम शर्मा बताती हैं कि उनकी दो बेटियां हैं जिनमें कात्यायिनी उनकी बड़ी बेटी हैं व उनकी शादी भाजपा नेत्री कुसुम कंडवाल के व्यवसायी पुत्र से 2015 में हुई है। दूसरी बेटी भी लॉ स्टूडेंट है व वह भी अपनी तैयारियों पर जुटी हुई है। श्रीमति कुसुम शर्मा बताती हैं कि 2007 में पति की हर्ट अटैक से मृत्यु के बाद मेरी स्थिति बेहद नाजुक थी। मेरे भाई जगदम्बा प्रसाद उनियाल जो वर्तमान में इंटर कॉलेज कोरबा विकास खण्ड कालसी में अध्यापक हैं, उन्होंने ही मुझे व बच्चों को मजबूती के साथ खड़े होने का एक तरह से गुरुमंत्र दिया। आज अतीत में झाँककर पाती हूँ कि अगर तब भाई ने हमें सबल बनने की शक्ति प्रदान न की होती तो शायद बिखर गए होते। कात्यायिनी को सही दिशा निर्देश देने का श्रेय उन्हें ही जाता है। ज्ञात हो कि कात्यायिनी की माँ का मायका पैडुलस्यूँ भीमली है। व वे जाति से उनियाल हैं।
उन्होंने बताया कि कात्यायिनी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की है। सैंट थॉमस पौड़ी से हाई स्कूल करने के बाद 2006 में वे देहरादून शिफ्ट हो गए। रिवरडेल स्कूल देहरादून से इंटर करने के बाद 2013 में लॉ इंडस्ट्री भोपाल से पास आउट होने के बाद ही कात्यायनी जॉब के साथ-साथ ज्यूडिशियल तैयारियों में भी जुट गई। उसकी ससुराल में उसे भरपूर सपोर्ट मिला व सास, ससुर, पति सभी के सहयोग का प्रतिफल है कि कात्यायिनी ने जज बनने का अपना सपना पूरा किया।
वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के पद पर तैनात कात्यायिनी शर्मा कंडवाल के पड़ोसी एस एस नेगी ने कहा कि यह हम सभी के लिए बेहद सुखद व खुशी का मौका है, क्योंकि जिस बिटिया को हमने बचपन से जवान होते देखा और अब जज बनते देखेंगे वह सचमुच हृदय को आनन्दित करने वाली बात है। उन्होंने कहा कि कात्यायिनी की माँ जी श्रीमती कुसुम शर्मा एक संस्कारिक माँ हैं जिनके दिये संस्कारों का यह प्रतिफल है।
कात्यायनी कंडवाल ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन, सामान्य वर्ग में दूसरी रैंक हासिल कर दिल्ली में बनी जज।
उत्तराखंड की बेटी कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने दिल्ली न्यायिक सेवा- 2019 की परीक्षा में सामान्य वर्ग से वरीयता सूची में दूसरी रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मूल रूप से पौड़ी जनपद के ग्राम मरड़ा, मवालस्यूं निवासी कात्यायनी के पिता स्व. मदन मोहन सुंदरियाल ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे। कात्यायनी की मां कुसुम सुंदरियाल देहरादून में अध्यापिका हैं। अगस्त 1991 में जन्मी कात्यायनी का विवाह वर्ष 2015 में प्रगति विहार ऋषिकेश निवासी प्रांशु शशि कंडवाल से हुआ है। प्रांशु शशि कंडवाल भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल तथा वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सेवानिवृत डॉ. शशि कंडवाल के पुत्र हैं।
कात्यायनी शर्मा कंडवाल की प्राथमिक से हाईस्कूल तक की शिक्षा सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल पौड़ी तथा इंटरमीडिएट रिवर डेल स्कूल देहरादून में हुई है। क्लेट क्वालीफाई करने के बाद कात्यायनी ने एनएलआइयू भोपाल से एलएलबी और आइएलआई दिल्ली से एलएलएम की शिक्षा पूरी की। शुक्रवार को जारी हुए दिल्ली न्यायिक सेवा- 2019 की परीक्षा के परिणाम में कात्यायनी ने वरीयता सूची में दूसरा स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने बताया कि आज उनके दिवंगत पिता का सपना पूरा हुआ है। उनकी इस सफलता में मां के मार्गदर्शन के अलावा ससुराल में पति तथा सास-ससुर का बेहतर सहयोग शामिल है।

