जौलीग्रांट देहरादून (हि. डिस्कवर)
आवाज दो हम एक हैं। इंकलाब जिंदाबाद.. जिंदाबाद.. जिंदाबाद। ये मनमानी नहीं चेलगी, तानाशाही नहीं चलेगी…नहीं चलेगी,नहीं चलेगी। इत्यादि नारों के साथ आज जौलीग्रांट एयरपोर्ट की सड़क व नेशनल हाई वे पर आज हजारों हजार युवाओं ने रोडमार्च कर पेड़ बचाओ, जंगल बचाओ अभियान में सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए कटने जा रहे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के आस-पास थानों जंगल के 10 हजार साल, शीशम और सागौन पेड़ों के काटे जाने की चिंता को लेकर था। ज्ञात हो कि जॉलीग्रांट देहरादून के एयर पोर्ट को इंटरनेशनल बनाना है । जिसके विस्तारीकरण के लिए एयरपोर्ट से लगी जमीन चिन्हित की गई है, जिसमें लगभग 10 हजार विभिन्न प्रजाति के पेड़ हैं।
प्रदर्शनकारी ज्यादात्तर युवक युवतियों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उसी रफ्तार से अगर पेड़ काटे जाते रहे तो निकट भविष्य में देहरादून के क्लाइमेट में बड़ा अंतर आ सकता है, जो हम सबके लिए बेहद चिन्तनीय है।
सरकार भले ही इस एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में आगामी भविष्य में विदेश नीति को देखकर चीन भारत के युद्ध को मध्यनजर रखकर इस एयरपोर्ट का विस्तारीकरण करने की मंशा रख रही हो लेकिन क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि उन्हें ऐसा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नहीं चाहिए जिससे हजारों हजार पेड़ काटे जाएं व दून घाटी असन्तुलित पर्यावरण की जद में आये।

