Saturday, March 14, 2026
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ऐतिहासिक क्षण ! कूर्म देवता की पूजा अर्चना कर प्रधानमंत्री मोदी ने किया राम मंदिर का शिलान्यास। मोदी बोले-सबके राम, सब में राम और जय सिया राम।

(मनोज इष्टवाल)

समय 12:40:08 बजे से 12:40:40 बजे जब अयोध्या की धरती सरयू तट पर मंत्रोच्चारण की गूंज के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी ने शिला पूजन कार्यक्रम प्रारम्भ करवाया। सिर्फ 32 सेकंडस का ही अभिजीत समय था जो लग्नानुसार शुभ माना गया। भले ही तदोपरान्त 8 शिलाओं का पूजन 12:44:08 तक चलता रहा व इन शिलाओं को मंदिर क्षेत्र की आठों दिशाओं में रखा जाएगा व इनमें से 9वीं शिला गर्व गृह की प्रतीक बनेगी। इन शिलाओं में नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा, अजिता, अपराजिता, शुक्ला व सौभाग्यनी शामिल हैं।

लगभग 492 साल से चल रहे राम जन्मभूमि विवाद के बाद अयोध्या में आज इतिहास रचा गया है। वर्षों तक अदालत में मामला चलने के बाद आज अयोध्या में राम मंदिर की नींव पड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार दोपहर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला रखी। पूजन के बाद इन शिलाओं को राम मंदिर में सुरक्षित रखा जाएगा। पुन: नींव के लिए गर्भगृह का गहराई में उत्खनन होने पर रामलला के सिंहासन के ठीक नीचे इन्हें रखवाया जाएगा। इससे पहले पीएम मोदी पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और फिर राम जन्मभूमि क्षेत्र पहुंचकर भगवान राम को दंडवत प्रणाम किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने मोदी को हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य पुजारी ने एक पटका भेंट किया। मंदिर में कुछ देर पूजा-अर्चना करने के बाद मोदी राम जन्मभूमि क्षेत्र के लिए रवाना हो गए। राम जन्मभूमि पहुंचकर प्रधानमंत्री ने भगवान राम को दंडवत प्रणाम किया और वहां पारिजात का पौधा लगाया। इस समय मोदी भूमि पूजन के लिए हो रहे अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले अपने भाषण में ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के नारे लगाए और उसके बाद अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने राम भक्तों को इस पवित्र अवसर पर बधाई भी दीं। मोदी ने कहा कि राम मंदिर का भूमि पूजन करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. सदियों का इंतजार खत्म हो रहा है। पूरा देश रोमांचित है।

पीएम नरेंद्र मोदी संबोधन।

शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने राम मंदिर का भूमिपूजन करके करोड़ों लोगों की आस्था को सम्मान देने का काम किया है, इसके लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

पीएम मोदी ने यहां अपने संबोधन में कहा कि हमें आपसी प्रेम-भाईचारे के संदेश से राम मंदिर की शिलाओं को जोड़ना है। हमने जब-जब राम को माना है विकास हुआ है जब भी हम भटके हैं विनाश हुआ है। सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा  कि अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर भारतीय संस्कृति का दर्शन देगा, यह मंदिर अनंतकाल तक मानवता को प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि सबके राम, सब में राम और जय सिया राम। देश में जहां भी प्रभु राम के चरण पड़े हैं, वहां पर राम सर्किट का निर्माण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि पूरी पृथ्वी पर श्रीराम जैसा कोई शासक हुआ ही नहीं है, कोई भी दु:खी ना हो कोई भी गरीब ना हो। नर और नारी समान रुप से सुखी हों। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम राम का आदेश है कि बच्चों, बुजुर्ग और वैद्यों की रक्षा करनी चाहिए, जो हमें कोरोना ने भी सिखा दिया है। साथ ही अपनी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। हमारा देश जितना ताकतवर होगा, उतनी ही शांति भी बनी रहेगी। राम की यही नीति और रीति सदियों से भारत का मार्ग दर्शन करती रही है, महात्मा गांधी ने रामराज्य का सपना देखा था. राम समय, स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते और सोचते हैं।  राम परिवर्तन-आधुनिकता के पक्षधर हैं।

नरेंद्र मोदी  ने कहा कि राम हर जगह हैं, भारत के दर्शन-आस्था-आदर्श-दिव्यता में राम ही हैं। तुलसी के राम सगुण राम हैं, नानक-तुलसी के राम निगुण राम हैं। भगवान बुद्ध-जैन धर्म भी राम से जुड़े हैं। तमिल में कंभ रामायण है, तेलुगु, कन्नड़, कश्मीर समेत हर अलग-अलग हिस्से में राम को समझने के अलग-अलग रुप हैं। उन्होंने कहा कि  राम हर दिल मेें वास करते हैैं इसीलिए सब जगह हैं, राम सभी में हैं। विश्व की सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या इंडोनेशिया में है, वहां पर भी रामायण का पाठ होता है।  कंबोडिया, श्रीलंका, चीन, ईरान, नेपाल समेत दुनिया के कई देशों में राम का नाम लिया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के लोगों के सहयोग से राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, जैसे पत्थर पर श्रीराम लिखकर रामसेतु बना, वैसे ही घर-घर से आई शिलाएं श्रद्धा का स्त्रोत बन गई हैं। ये न भूतो-न भविष्यति है। भारत की ये शक्ति पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय है. आज का ये दिन करोड़ों रामभक्तों के संकल्प की सत्यता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम की शक्ति देखिए, इमारतें नष्ट हो गईं और क्या कुछ नहीं हुआ। अस्तित्व मिटाने का प्रयास हुआ, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं। हनुमान जी के आशीर्वाद से राम मंदिर बनने का काम शुरू हुआ है, ये मंदिर आधुनिकता का प्रतीक बनेगा। ये मंदिर हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा, करोड़ों लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। आने वाली पीढ़ियों को ये मंदिर संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा। पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे, यहां के लोगों के लिए अवसर बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा सौभाग्य है मुझे ट्रस्ट ने ऐतिहासिक पल के लिए आमंत्रित किया। मेरा आना स्वभाविक था, आज इतिहास रचा जा रहा है। आज पूरा भारत राममय है, हर मन दीपमय है। पीएम ने कहा कि राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम…। सदियों का इंतजार समाप्त हो रहा है। बरसों तक रामलला टेंट में रहे थे, लेकिन अब भव्य मंदिर बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी के कालखंड में आजादी के लिए आंदोलन चला है, 15 अगस्त का दिन उस आंदोलन का और शहीदों की भावनाओं का प्रतीक है। ठीक उसी तरह राम मंदिर के लिए कई-कई सदियों तक पीढ़ियों ने प्रयास किया है, आज का ये दिन उसी तप-संकल्प का प्रतीक है। राम मंदिर के चले आंदोलन में अर्पण-तर्पण-संघर्ष-संकल्प था।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां राम मंदिर के शिलापट जारी किया, इसके अलावा डाक टिकट जारी किया।

नृत्यगोपाल दास का संबोधन।

राम जन्मभूमि ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि लोग हमसे पूछते कि मंदिर कब बनेगा? हमने कहा था जब एक ओर मोदी है और दूसरी ओर योगी है, तो अब नहीं बनेगा तो कब बनेगा। अब लोगों को तन-मन-धन से मंदिर निर्माण में जुटना चाहिए और काम को आगे बढ़ाना चाहिए. दुनिया में रह रहे हर हिन्दू की यही इच्छा थी. मंदिर का निर्माण एक नए भारत का निर्माण है, इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
मोहन भागवत का संबोधन।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि कई लोग महामारी के कारण नहीं आ पाए, लालकृष्ण आडवाणी जी भी नहीं आ पाए हैं। देश में अब आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम जारी है, आज महामारी के बाद पूरा विश्व नए रास्तों को ढूंढ रहा है। जैसे-जैसे मंदिर बनेगा, राम की अयोध्या भी बननी चाहिए। हमारे मन में जो मंदिर बनना चाहिए और कपट को छोड़ना चाहिए।

संघ प्रमुख ने कहा कि पुरुषार्थ का भाव हमारे रग-रग में है। भगवान राम का उदाहरण है। सब राम के हैं और सबमें राम हैं। यह सभी भारतवासियों के लिए है। कोई अपवाद नहीं।

मोहन भागवत ने कहा कि इस भव्य कार्य के लिए, प्रभु श्री राम जिस धर्म के लिए जाने जाते हैं, जो दुनिया को सुख-शांति का संदेश देता है, उसके लिए हमें अपने मन को भी अयोध्या बनाना है। हमें हमारे मन को मंदिर बनाना होगा।

राम मंदिर की नींव रखे जाने के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर के निर्माण से सदियों की आस पूरी होने से लोगों में आनंद का माहौल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन।

राम मंदिर की नींव रखे जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस घड़ी की प्रतीक्षा में हमारी कई पीढ़ियां चली गईं। राम मंदिर के निर्माण का सपना लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिया।

जिस अवधपुरी का एहसास कराने के लिए 500 साल से प्रतीक्षा थी, उसकी पूरे दुनिया को, समस्त भारतवासियों की भावनाओं को मूर्त रूप देने का यह अवसर आज पूरा हुआ है।

राम मंदिर के निर्माण कार्य को भले ही राम मंदिर ट्रस्ट करे लेकिन पूरी अवधपुरी के भौतिक विकास और सांस्कृतिक विसारत को क्षुब्ध किए बिना इस नगरी को वैभवशाली बनाने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं।

ज्ञात हो कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। इस दौरान, पीएम के साथ यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद हैं, इस दौरान 170 आमंत्रित सन्त समाज व विश्व हिंदू परिषद के सुप्रसिद्व चेहरे पंडाल में उपस्थित रहे। राम सबके पुरुषोत्तम राम हैं, शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने किसी भी राजनेता, अभिनेता या अन्य सेलिब्रिटी को इस मौके पर निमंत्रण नहीं भेजा था।

 

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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