देहरादून/पिथौरागढ़ 20 जुलाई 2020(हि. डिस्कवर)
- पिथौरागढ़ में दैवी आपदा के कारण हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त
- घटना को बताया दुःखद, राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाये जाने के दिये हैं निर्देश।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद पिथौरागढ की तहसील बंगापानी के अंतर्गत कई गांवों में भारी वर्षा, भूस्खलन एवं भू कटाव के हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की कोताही न बरती जाए। इस घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावित क्षेत्र में तुरंत एसडीआरएफ की एक टीम और भेजे जाने के निर्देश दिए। प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराने के साथ ही साथ ही जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। जो लोग अभी तक लापता हैं, उनकी खोज के लिए तत्काल युद्ध स्तर पर खोज अभियान शुरू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से राज्य के लिये यह समय हर वक्त सतर्क रहने का है। सभी जिलाधिकारी इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता के साथ हर समय सचेत रहें। जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य अविलम्ब आरम्भ हो जाए, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों हेतु त्वरित सहायता आदि के लिये जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। आपदा पीड़ितों की हर संभव मदद के लिये धनराशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सतर्कता के साथ ही हम आपदा के नुकसान को कम कर सकते हैं।
उन्होंने जिलाधिकारियों को मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी आम जानता को नियमित रूप से अवगत कराने तथा संवेदनशील स्थलों, गांवों एवं भवनों आदि की स्थिति का आंकलन भी नियमित रूप से किये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ एवं गढ़वाल आयुक्तों को भी इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सजगता के साथ त्वरित कार्यवाही करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं आई.जी. एसडीआरएफ को भी निरन्तर जिलाधिकारियों के सम्पर्क में रहने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान के भी निर्देश दिये हैं।
पिथौरागढ़ जिले के तहसील बंगापानी के टांगा में आपदा से मकानों के मलबे में दबने से कई लोगों के मरने की सूचना प्राप्त हुई है।विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार से आपदा ग्रस्त क्षेत्र में राहत कार्य में तेजी लाने एवं प्रभावितों को उचित उपचार दिये जाने की बात कही है। प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा है कि सरकार आपदा पीड़ितों के साथ है और उन्हें हर संभव सहायता सरकार द्वारा प्रदान होगी।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है एवं उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति के लिए भगवान से प्रार्थना की है।
ज्ञात हो कि पिथौरागढ़ जिले में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार के बाद रविवार को भी लगातार दूसरे दिन जिले के मुनस्यारी और अन्य इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने से भारी तबाही हुई है। गैला गांव में मकान जमींदोज होने से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि पांच घायल हैं। टांगा गांव में भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से निकले मलबे के साथ तीन मकान भी बह गए।
सूत्रों के अनुसार तीन लोगों की मौत व सात लोगों के लापता होने की पुष्टि की गई है। एक दर्जन से अधिक गावों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। खतरे की जद में आए परिवारों को शिफ्ट किया जा रहा है। मुनस्यारी को जाने वाली सड़कें बंद हैं। मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र में शनिवार रात को भी भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया था। गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगड़ गांव के पांच मकान बह गए थे। मुनस्यारी के धापा गांव में भूस्खलन के दौरान अपनी मां के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जा रहा पांच साल का बच्चा भी बह गया था। जिसे कुच्छ आगे जाकर ग्रामीणों नें बचा लिया।
टनकपुर-तवाघाट सड़क दोबाट में भारी मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गई है। तवाघाट-घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क पर भी कई स्थानों पर मलबा आया है। चीन सीमा को जोड़ने वाले इस सड़क के बंद होने से पूजा के लिए जा रहे व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों को भी दिक्कत हो रही है। भूस्खलन से पेयजल योजनाएं भी बह गईं हैं। कुछ स्थानों पर पैदल पुल और रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मूसलाधार बारिश से मुनस्यारी में एसडीएम कार्यालय परिसर से निकले बरसाती नाले से सड़क रोखड़ में बदल गई है।
35 से अधिक दुकानों में मलबा घुसने से दुकान में रखा सारा सामान खराब हो गया है। अतिवृष्टि से मुनस्यारी के बलौटा गांव में कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। धारचूला में जौलजीबी में गोरी और महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ने से संगम से लेकर दांतु खेड़ा के नदी किनारे रहने वाले पांच परिवारों के लोग सहम गए। इन परिवारों ने पूरी रात जागकर बिताई।
बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान हुआ है। मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में आपदा को देखते डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बंगापानी पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टीमों का गठन कर क्षति का आकलन कर आज रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। बागेश्वर में जिले की पांच सड़कों में मलबा गिरने से यातायात बाधित है। सड़कों के बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

