Wednesday, March 11, 2026
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सतत पर्यावरण को सतत आजीविका से जोड़ना आवश्यक- राज्यपाल।

राजभवन देहरादून 05जून, 2020 (हि. डिस्कवर)
राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने शुक्रवार को राजभवन में ‘सतत पर्यावरण’ विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित किया। यह वेबिनार दून विश्वविद्यालय और सोसाइटी फाॅर साइंस आॅफ क्लाइमेट चेंज एण्ड सस्टेनेबल एनवायरमेण्ट, नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
सतत पर्यावरण विषय पर बोलते हुए राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि ‘ग्रीन एनर्जी’ के साथ-साथ हमें ‘ग्रीन लाइफ स्टाइल’ को बढावा देना होगा। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन ने दिखा दिया कि मनुष्य अपने पर्यावरण का कितना नुकसान कर रहा था। अब हमें संयमित और संतुलित जीवन शैली अपना कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सतत पर्यावरण को सतत आजीविका तथा सतत रोजगार का पर्याय बनाना होगा। उत्तराखण्ड हिमालयी वन संपदा से भरपूर राज्य है। राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल रोजगार के अवसर सृजित किये जाने आवश्यक है। सहकारिता और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जैविक खेती को और अधिक बढ़ावा देना होगा जिससे स्थानीय फल, फूल, सब्जियों, जड़ी-बूटियों के माध्यम से लोगांे की आर्थिकी में सुधार हो सके।
राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय को इस वेबिनार की संस्तुतियों पर एक ‘वर्किंग नोट’ बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये। वेबिनार में दून विश्वविद्यालय द्वारा विगत अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की गई। वेबिनार में कोविड-19 लाॅकडाउन और पर्यावरण पर प्रभाव से संबंधित विषय पर छात्र-छात्राओं ने विचार भी व्यक्त किये।
दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 ए.के कर्नाटक ने पर्यावरण संरक्षण और हरित अर्थव्यवस्था पर विचार व्यक्त किया। बी.आर.आम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के डीन प्रो0 आर.पी.सिंह ने खाद्य-कृषि-जल के अंतरसम्बन्धो
पर विचार व्यक्त  करते हुए वर्तमान युग में विकास के पर्यावरण अनुकूल साधनों पर जोर दिया। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की डाॅ0 निशा मेंदीरत्ता ने उनके विभाग द्वारा संचालित जलवायु परिवर्तन से संबंधित विभिन्न राष्ट्रीय मिशनों की जानकारी दी। ओबियस फाउण्डेशन के सी.ई.ओ डा0 राम बूझ ने पारम्परिक पर्यावरणीय ज्ञान के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। दून विश्वविद्यालय की प्रो0 कुसुम अरूणाचलम आदि वक्ताओं ने भी वेबिनार में अपने विचार व्यक्त किये।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने राजभवन में वृक्षारोपण किया।
राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने शुक्रवार को राजभवन प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण किया। उन्होंने राजभवन प्रांगण में शहतूत, अंजीर, बेल, जामुन, कपूर आदि के पौधे लगाये।
राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि पर्यावरण दिवस 2020 की थीम जैव विविधता को बनाए रखने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आज राजभवन के लाॅन में जिन वृक्षों को रोपित किया गया है, वह मानव जीवन के लिए सदैव उपयोगी सिद्ध हुए हैं। आम जनमानस को वर्तमान में वृक्षों-पौधों की महत्ता को समझने की और भी जरूरत है।
राज्यपाल ने आम जनमानस से पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छ वातावरण, आसपास की साफ-सफाई एवं पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने की तथा सम्पूर्ण प्राकृतिक जल संपदा एवं वन संपदा को अक्षुण्ण बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना से बचाव हेतु जो भी गाइड लाइन्स एवं सावधानियाँ हैं, उनका पूर्ण पालन करने की भी अपील की है।
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