Thursday, August 13, 2026
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आंदोलनकारी व पत्रकारों ने दी पुरुषोत्तम असनोड़ा को श्रद्धांजलि।

नई दिल्ली/देहरादून 16 अप्रैल 2020 (हि. डिस्कवर)

वरिष्ठ पत्रकार व रिजिनल रिपोर्टर पत्रिका के संपादक राज्य आंदोलनकारी व जनसरोकारों से जुड़े, पुरुषोत्तम असनोड़ा जी का 15 अप्रैल को ऋषिकेश स्थिति एम्स अस्पताल में ह्रदय घात की वजह से मृत्यु हो गयी थी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आंदोलनकारी व पत्रकारों ने दी पुरुषोत्तम असनोड़ा को श्रद्धांजलि।

आज जहां उनकी चिता को आग देने के लिए गिने चुने लोग ही लॉकडाउन होने के कारण पहुंच सके वहीं स्वर्गीय पुरुषोत्तम असनोड़ा जी को आज दिल्ली व उत्तराखंड से लोगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

यह पहला अवसर है जब समाजसेवियों, पत्रकारों व राज्य आंदोलनकारियों ने अपने अपने स्थानों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर ऐसी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है।

वीडियो कनफ्रेसिंग के माध्यम से दिल्ली NCR व उत्तराखंड से कई वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी व राज्य आन्दोलनकारी लोगो ने इस अवसर पर अपनी संवेदना व्यक्त की व स्वर्गीय असनोड़ा जी के जीवन संघर्षों पर अपनी बात रखी। इस दौरान पुरुषोत्तम असनोड़ा जी के 40 सालों के पत्रकारिता सफर, 1989 से लेकर लगातार राज्य आंदोलन व गैरसैण राजधानी की पैरवी। चिपको व बनान्दोलनों में उनकी सहभागिता पर चर्चा की गई व उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर राज्य आन्दोलनकारी पूर्व राज्यमंत्री धीरेंद्र प्रताप, राज्य आन्दोलनकारी व पत्रकार देवसिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप वेदवाल, वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता हाईकोर्ट संजय शर्मा दरमोडा, राज्य आन्दोलनकारी व समाजसेवी अनिल पंत, राज्य आन्दोलनकारी व समाजसेवी खुशाल सिंह बिष्ट, कर्णप्रयाग से हरिकृष्ण भट्ट, राज्य आन्दोलनकारी व पत्रकार सतेंद्र रावत आदि शामिल हुए। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग का आयोजन व संचालन राज्य आन्दोलनकारी व समाजसेवी दिगमोहन नेगी ने किया।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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