Wednesday, February 25, 2026
HomeUncategorizedराज्यों एवं केन्द्रशासित राज्यों (कुल 36) को जन आंदोलन के रूप में...

राज्यों एवं केन्द्रशासित राज्यों (कुल 36) को जन आंदोलन के रूप में ‘पोषण माह’ आयोजित करने के निर्देश!

देहरादून 11 अक्टूबर, 2018 (हि. डिस्कवर)
उपनिदेशक/नोडल अधिकारी-राष्ट्रीय पोषण मिशन श्रीमती सुजाता ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन-पोषण अभियान के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2018 में देश के समस्त राज्यों एवं केन्द्रशासित राज्यों (कुल 36) को जन आंदोलन के रूप में ‘पोषण माह’ आयोजित करने के निर्देश दिये गये। जिसके अन्तर्गत गाँव/ब्लॉक, जनपद, राज्य स्तर पर जन-जागरूकता हेतु विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गयी। भारत सरकार द्वारा पोषण माह में अनुकरणीय कार्य करने वाले राज्य एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए कार्मिकों को विभिन्न श्रेणी के पुरस्कार रखे गये।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गत दिवस दिनांक 10 अक्टूबर, 2018 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पोषण मिशन-पोषण अभियान के अन्तर्गत आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
पुरस्कार समारोह में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विभाग, उत्तराखण्ड राज्य से राष्ट्रीय पोषण मिशन के अन्तर्गत ‘पोषण माह’ के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु श्री रणवीर सिंह चौहान, मिशन निदेशक-राष्ट्रीय पोषण मिशन व श्रीमती सुजाता, उपनिदेशक/नोडल अधिकारी-राष्ट्रीय पोषण मिशन को अभिसरण कार्ययोजना कार्यान्वयन  ( Implementation of Convergence Action Plan ) के लिए पुरस्कृत किया गया।
उक्त के साथ ही पुरस्कार समारोह में भारत सरकार द्वारा क्षेत्रीय क्रियाकलापों ( field functionary Individual excellence ) के लिए सुश्री मुजस्सिम रहमान, सुपरवाइज़र, बाल विकास परियोजना गदरपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर तथा क्षेत्रीय क्रियाकलाप (field functionary AAA(A++)) के लिए सुश्री राजेन्द्री आंगनवाड़ी कार्यकर्ती, बाल विकास परियोजना, काशीपुर शहर, सुश्री लक्ष्मी, आशा कार्यकर्ती, काशीपुर तथा सुश्री निर्मला चौहान, ए.एन.एम. काशीपुर को क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।
Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES