गवाणी महोत्सव की धूम। पहुंचेंगे प्रदेश के मुख्यमंत्री व कैबिनेट के दो और मंत्री।
(मनोज इष्टवाल)
पौड़ी गढ़वाल की बात हो और चौंदकोट का उसमें सर्वप्रथम नाम न आये भला यह कैसे हो सकता है। 52 गढ़ों के गढ़वाल के राज्यकाल में भी चौंदकोट का अस्तित्व चांदपुर गढ़ के बराबर समझा जाता था क्योंकि यहां का गढ़ चांदपुर गढ़ से ज्यादा खूबसूरत माना जाता रहा है। यहां की नारी सौंदर्य की चर्चाएं दूर दूर तक ख्याति प्राप्त थी।
(फोटो-संजय बुडाकोटी)
यह वही चौंदकोट हुआ जिसकी वीरांगना तीलू रौतेली को झांसी की रानी जैसी वीरांगना होने का गौरव प्राप्त हुआ है। जब जब भी कालचक्र ने समय परिवर्तन किया और गढ़वाल के लोक संस्कृति लोक समाज में बदलाव की बयार दिखी। चौंदकोट हर बार उनकी मिशाल बना। एक ओर जहां सम्पूर्ण गढ़वाल ले गांव तेजी से बंजर होने शुरू हुए तो यहीं के एक युवा सुंदरियाल ने यहां कृषि में नगदी की क्रांति बीज बोए व एक हुंकार दी तो पूरा युवा उनके पीछे हो लिया। विगत दो बर्ष पूर्व इसी चौंदकोट के इसी गवाणी गाड़ में अध्यापक कवि व गायक गिरीश सुंदरियाल, अध्यापिका बबिता नेगी व ग्रामीणों के सहयोग से ऐसा ही कार्यक्रम लोकगीतों नृत्यों की पैरवी में करवाया गया जिसकी धूम मची और अब इसे गवाणी गांव व उसके आस पास के बुद्धिजीवियों संस्कृतिकर्मियों ने वृहद रूप देकर सरकार को मजबूर कर दिया कि वह उनके गांव तक पहुंचे।
आखिर कल इस महोत्सव का शुभारम्भ करने प्रदेश के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रॉवत सिंचाई पर्यटन धर्मस्व व संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज कृषि मंत्री सुबोध उनियाल व गंगोत्री विधायक गवाणी पहुंच रहे हैं। यह इस क्षेत्र के लिए कोई छोटी बात नहीं है क्योंकि लोक संस्कृति ने वह दमखम आखिर दिखा ही दिया जिसके लिए यह क्षेत्र मशहूर है। उम्मीद है यहां की यह बयार पूरे जनपद के आंगनों में ऐसी ही सांस्कृतिक बयार लाएगी जिस से हमारे छिटकते समाज में फिर से एकता सूत्र बंधेंगे और ठीक आज सन्ध्या को गूंजते इस गांव की माँ बहनों के स्वर “बौ मेरी प्याजै रंगी बौ तीलै धारू बोला” सिर्फ राजधानी देहरादून तक नहीं बल्कि देश दुनिया तक पहुँचेगे । वहां जहां हमारे गढ़वासियों के घरौंदे हैं और जिनके प्राण आज भी गढ़ धरा में बसते हैं। समाजसेवी संजय बुडाकोटी से मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि गवाणी के ग्रामीण खुद की भागीदारी से यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं जिसमें युवावर्ग सबसे आगे है। गवाणी महोत्सव समिति ने इस बार अध्यक्ष जीतेन्द्र नवानी, प्रबन्धक जय प्रकाश नवानी, कोषाध्यक्ष किशन सिंह, सचिव सुभाष इष्टवाल व संचालक राकेश पोखरियाल को नियुक्त किया है। यह महोत्सव 26 अक्टुबर से लेकर 28 अक्टूबर तक चलेगा।

