बड़कोट 30 मई 2020 (हि. डिस्कवर)
उपजिलाधिकारी बड़कोट सोहन लाल की कार्यप्रणाली व जनता के साथ संवादहीनता का व्यवहार अब रवाई घाटी के लोगों को अखरने लगा है। यह विरोध कोविड-19 के दौर में तब और प्रबल हो गया जब लोगों द्वारा एसडीएम साहब को किये जाने वाले फोन कॉल्स नहीं उठाते व मजबूरन उन्हें अपनी सभी समस्याएं जिलाधिकारी आशीष चौहान को साझा करनी पड़ती हैं।
लोगों का आरोप है कि जिलाधिकारी द्वारा यदि एसडीएम साहब को सम्बन्धित प्रकरणों के संज्ञान के निर्देश दिए जा रहे हैं तब एसडीएम साहब अपना रुतवा दिखाकर या तो लोगों को डरा धमका देते हैं या फिर स्थानीय लोगों के माध्यम से ही उन्हें चुप कराया जाता है। कोविड-19 के दौर में रवाई घाटी के ऐसे कई प्रकरण हैं जिनके कारण लोगों में नाराजगी बड़ी है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य संजय थपलियाल ने एसडीएम सोहन लाल की कार्यप्रणाली पर उठ रहे लगातार सवालों से परेशान होकर आखिरकार जिलाधिकारी उत्तरकाशी से उनकी लिखित शिकायत दर्ज कर उनका स्थानांतरण की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने विकास खण्ड नौगांव के भंकोली गांव के एक युवक के कोविड-19 के तहत संक्रमित होने का जिक्र करते हुए जिस तरह एक अन्य युवक ग्राम ठोलिंगा द्वारा उस युवक को बाइक से बर्निगाड़ छोड़ा गया उसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए लिखा है कि एसडीएम साहब द्वारा ऐसे सन्दर्भों में कोई विशेष ध्यान न दिए जाने के कारण उन स्थानीय सहित स्थानीय लोगों को अन्य व्यक्ति की जानकारी जुटाने के लिए देर रात तक भटकना पड़ा है।
उन्होंने कहा है कि स्थानीय निवासी व वह स्वयं भी कई बार स्थानीय मिनी सचिवालयों को क्वारनटाइन सेंटर बनाने की गुहार कर चुके हैं व पटवारियों की सक्रियता बढ़ाने के लिए भी बोल चुके हैं लेकिन तात्कालिक कोई परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं, इससे विधित होता है कि एसडीएम साहब अपने कार्य के प्रति पूरी ईमानदारी नहीं बरत रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से उनके अन्यत्र स्थानांतरण की मांग की है।

