कोटद्वार गढ़वाल 1 जून 2020 (हि. डिस्कवर)
गोखले मार्ग कोटद्वार में शमसुद्दीन नामक व्यक्ति द्वारा लॉक डाउन के दौरान अवैध तरीके से मदरसा/भवन निर्माण मामले में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला प्रसार मंत्री व समाजसेवी संजय थपलियाल पर उल्टा केस दर्ज किए जाने से कोटद्वार के डेढ़ दर्जन से ज्यादा स्वयं सेवी संगठन अपना आक्रोश व्यक्त कर उपजिलाधिकारी कोटद्वार व थानाधिकारी कोटद्वार को ज्ञापन सौंपकर संजय पर दर्ज मुकदमें की वापसी की मांग कर चुके हैं।
ज्ञात हो कि विगत 20 मई को कोटद्वार मैन बाजार के पास गोखले मार्ग के बदरुद्दीन नामक शख्स का फोन वहीं की एक पत्रकार अंजना गोयल के लिए आता है जिसमें उसे जानकारी मिलती है कि गोखले मार्ग में इस लॉक डाउन पीरियड में उनका भाई शमसुद्दीन अपने घर में मदरसे का निर्माण बे-रोक टोक कर रहा है। पत्रकार अंजना गोयल विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला प्रचार मंत्री संजय थपलियाल, एल आई यू टीम व कुछ अन्य लोगों के साथ घटना स्थल पर पहुँचते है व कंट्रक्शन की वीडियो बनाकर उसे सोशल साइट व अन्य माध्यमों से शासन प्रशासन तक पहुंचाते हैं।
यहां तक तो सब ठीक था लेकिन तीसरे दिन पता चलता है कि पत्रकार अंजना गोयल पर उल्टा शमसुद्दीन नामक शख्स ने गाली देने, अफवाह फैलाने, धक्का-मुक्की इत्यादि केस दर्ज करवा दिया है। यह देखकर सबको हैरानी हुई कि आखिर पुलिस ने शमसुद्दीन पर कार्यवाही करने की जगह उल्टा संजय थपलियाल व अंजना गोयल पर क्यों केस दर्ज कर दिया है। पुलिस की ऐसी छवि को देखते हुए पूरे कोटद्वार के करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा संगठनों ने इसे फर्जी केस बताते हुए संजय थपलियाल के विरुद्ध दर्ज किए गए केस को वापस लेने की मांग की है।
यह आश्चर्यजनक है कि कोटद्वार पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पर आए दिन अंगुलियां उठ रही हैं। पहले संजय व अंजना गोयल मामले में वे अब पत्रकार व खनन माफ़ियाओं के मामले में। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सब खेल पर्दे के पीछे बैठा कोई सफेदपोश कर रहा है इसका चेहरा जल्दी ही समाज के सामने लाया जाएगा।
वहीं पत्रकार अंजना गोयल पर मजदूरों से धोखाधड़ी मामले में भी एक अन्य केस दर्ज किया गया है जिस पर अंजना गोयल सफाई देती हैं कि कहीं न कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर यहां सवालिया निशान लगते हैं क्योंकि जो बस उन्होंने बुक करवाई थी उसके स्थान पर उत्तर प्रदेश से बस बुलाई गई जिसे कोटद्वार प्रवेश द्वार पर बिना रोक टोक आने दिया जाता है और जब मजदूर अपने घरों तक पहुंच जाते हैं तब यह प्रश्न उठाया जाता है कि उनके साथ मैंने धोखाधड़ी की जबकि अपने गांव पहुंचे मजदूर उनके बराबर सम्पर्क में हैं व उन्हें दुआए दे रहे हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाया कि इसके पीछे कोई राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया है जिसकी मैं भुगतभोगी हुई हूँ।
विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला प्रचार मंत्री व समाजसेवी संजय थपलियाल पर हुए केस दर्ज के पीछे भी एक कमीशनखोर पत्रकार व नेता का हाथ बताया जा रहा है। लोगों का मानना है कि उस नाम के पत्रकार का काम ही धंधेबाजी करना है। वह किसी राजनेता के इशारे पर यह सब करता रहता है। विभिन्न संगठन जिनमें भूतपूर्व सैनिक संगठन, गौरव सेनानी संगठन, महिला कल्याण समिति, महर्षि कण्व सेवा समिति, ग्रामोद्योग, ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच इत्यादि सहित डेढ़ दर्जन संगठन व कोटद्वार के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हैं, द्वारा क्षेत्रीय अधिकारी/ थानाधिकारी व उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर संजय थपलियाल पर दर्ज किये गए केस वापस लेने की मांग की है।
सूत्रों का कहना है कि कोटद्वार के विभिन्न संगठनो व प्रबुद्ध नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति बेहद नाराजगी है। लोगों का मानना है कि पुलिस कहीं न कहीं किसी राजनेता के दबाब में आकर ऐसे फर्जी केस दर्ज कर रही है, जबकि पुलिस को उल्टा शमसुद्दीन को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर उससे जानकारी हासिल करनी चाहिए थी कि वह लॉकडाउन के समय अवैध निर्माण कैसे कर सकता है या फिर बिना परमिशन के मदरसा कैसे बना सकता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन ने इस पर त्वरित संज्ञान नहीं लिया तो कोटद्वार से कुछ सम्भ्रान्त नागरिकों का दल प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली भी जा सकता है।

