Monday, June 24, 2024
Homeउत्तराखंडकौथिग मुम्बई 2020 का रंगारंग उद्घाटन..!

कौथिग मुम्बई 2020 का रंगारंग उद्घाटन..!

नवीमुम्बई 25 जनवरी 2020 (हि. डिस्कवर)।

नवीमुम्बई के रामलीला मैदान में शुक्रवार को कौथिग 2020 का रंगारंग उद्घाटन समाज के कई प्रमुख गणमान्यों की उपस्थिति में हुआ. उद्घाटन अवसर पर नवीमुम्बई के महापौर जयवंत सुतार, भवन निर्माता माधवानंद भट्ट, उद्योगपति सुरेश राणा, महेश राजपूत, गिरवीर नेगी, नरेंद्र जोशी, सुधीर रावत, कौथिग फाउंडेशन के संस्थापक योगेश्वर शर्मा, अध्यक्ष हीरा सिंह भाकुनी, नरेंद्र जांगपानी, चामूसिंह राणा, कर्नल रामदत्त जोशी, कार्याध्यक्ष सुशील कुमार जोशी सहित कई गणमान्य उपस्थित थे. कौथिग में आए अतिथियों का सवागत कौथिग फाउंडेशन के महासचिव तरुण चौहान, टीम कौथिग के मनोज भट, महिपाल नेगी, रूपलाल, जगजीवन कन्याल, बलवंत पवार, लक्ष्मण नेगी, विनोद भट, दीपक भट, दिनेश बिष्ट, महेंद्र मेहरा, रणजीत बिष्ट ने किया. कौथिग फाउंडेशन के संयोजक श्री केशरसिंह बिष्ट ने सभी अतिथियों और कौथिग में आए मेलार्थियों का आभार प्रकट करते हुए लगातार 2 फरवरी तक भारी संख्या में कौथिग के आयोजन को सफल बनाने की अपील की़।

कौथिग की शुरुआत माँ नंदा की शोभायात्रा से हुई. शोभायात्रा प्रवासियों की भावना का प्रतीक उत्तराखंड भवन वाशी से शुरू हुई. शोभायात्रा में उत्तराखंड के लोक कलाकार, छलिया दल, महिला भजन मंडलियां व उत्तराखण्डी परिधान में सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं. कौथिग की पहली रंगारंग संध्या की शुरुआत लोहाघाट से आये सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने मां भगवती की स्तुति से की. मंच पर टिहरी से आईं गायिकी ऊषा पांडे ने मन भरमेगी…गीत गाया. कौथिग की पहली शाम में उत्तराखंड के कलाकारों द्वारा देवी देवताओं की भक्ति स्तुति के गीतों में माहौल भक्ति भाव में डूब गया. पहले दिन भक्ति भाव के इस माहौल में लोकप्रिय गायक साहब सिंह रमोला भी मंच पर सबसे पहले अपनी प्रस्तुति कनि भली विराज देंदी नारायणी….नंदा तू नारायणी लेकर आये़ फिर नंदा तू नारायणी…… के बाद मंच पर साहब सिंह रमोला ने ऐसा समा बांधा कि मैदान पर सैकड़ों प्रवासी झूम उठे।

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES