Saturday, May 18, 2024
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केदारनाथ रावल ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र। 23 अप्रैल तक उनका ऊखीमठ पहुंचना अनिवार्य।

नांदेड़ (महाराष्ट्र) 14 अप्रैल 2020 (हि. डिस्कवर)

केदारनाथ धाम के रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकरलिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्हें उनके दो सेवादारों, एक पुजारी व ब्यवस्थापक को गोपालचावड़ी दशमुखाश्रम नांदेड़ से उखीमठ तक भेजने की मांग की है।

श्री श्री श्री 1008 बोलांदा केदार भीमाशंकरलिंग के सिर सुशोभित स्वर्ण मुकुट जो 29 अप्रैल के बाद बाबा केदारनाथ के मस्तक सोहेगा।

रावल भीमाशंकरलिंग ने दिनांक 9 अप्रैल 2020 को लिखे पत्र में लिखा है कि वे विगत 20 अप्रैल 2020 से नांदेड़ स्थित आश्रम में लॉकडाउन के कारण रूके हुए हैं लेकिन आगामी 28 तारीख तक उखीमठ से केदारनाथ की डोली केदारनाथ पहुंचनी है। तय कार्यक्रमानुसार उन्हें 23 अप्रैल तक उखीमठ पहुंचना होगा क्योंकि आगामी 25 अप्रैल से केदारनाथ बाबा की भैरव पूजा शुरू हो जाएगी, 26 को सेना के वाद्य यंत्रों के साथ बाबा की डोली केदारनाथ के लिए रवाना होगी और 28 को केदारधाम पहुंच जाएगी।

उन्होंने पत्र में लिखा कि सदियों से चली आ रही परम्परानुसार 29 अप्रैल सुबह 6:10बजे केदारनाथ के कपाट खुलने हैं व उनके सिर में अवस्थित केदारनाथ जी का स्वर्णमुकुट इसी समय बाबा केदार के सिर सुशोभित होता है। इसलिए धर्मसम्मत व शास्त्र सम्मत उन्हें किसी भी हाल में 23 अप्रैल तक केदारनाथ पहुंचना है।

उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शीतकाल में बाबा केदार की पूजा वैराग्यमठ उखीमठ में होती है, तदोपरांत कपाट खुलने के बाद पूजा विधि से बाबा केदारधाम में उन्हें निहित तिथि मुहूर्तानुसार 29 को स्थापित किया जाना है।

रावल भीमाशंकरलिंग में पत्र में स्पष्ट किया कि वे आपके कानून मुताबिक सभी सोशल डिस्टेंस का अनुपालन कर रहे हैं और उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री इस महामारी के बाद विश्व फलक पर प्रथम स्थान में होंगे व भारत 1 जून 2020 तक इस बीमारी का समूह नाश कर देगा व यह रोग सम्पूर्ण विश्व से गायब हो जाएगा जिसमें आपकी अग्रणी भूमिका रहेगी।

बहरहाल केदारनाथ रावत श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकरलिंग के पत्र में पीएमओ ने क्या संज्ञान लिया उसकी जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है लेकिन यह धर्म सम्मत है कि केदारनाथ मन्दिर के कपाट रावल के कर कमलों से ही खोले जाते हैं।

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