Sunday, March 3, 2024
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कुरान बांटने के आदेश पर जज के खिलाफ वकीलों ने खोला मोर्चा।

रांची/देहरादून 17 जुलाई 2019 (हि. डिस्कवर)

आखिर देेेश की न्याय व्यवस्था का ह्रास इतनी तेजी से क्यो हो रहा है। क्या न्यायालय भारत में शरिया के लिए मजबूर कर रहे हैं? रांची अदालत के एक न्यायाधीश मनीष कुमार सिंह ने ऋचा भारती को सशर्त जमानत दी है कि वह केवल तभी जमानत पा सकती है जब वह कुरान की 5 प्रतियां वितरित करेगी।
यह समझ नही नहीं आता कि न्याय की यह कौन सी यह कौन सी परिभाषा है व यह निर्णय कानून की किस धारा व किस सेक्शन पर आधारित है। यह उसके खिलाफ सोशल मीडिया में एक सवाल पोस्ट करने के लिए दायर मामले के संबंध में है। बहादुर लड़की ऋचा ने कहा है कि वह ऐसे दबावों के आगे नहीं झुकेगी। सुनिये ऋचा का क्या कहना है। इस लड़की की हिम्मत को सलाम। ऋचा भारती ने हालांकि आक्रामक आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया है। उसने कहा “आज मुझे कुरान बांटने के लिए कहा जा रहा है, कल मुझे नमाज करने या इस्लाम अपनाने को कहा जा सकता हैै।
सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार पिठोरिया की युवती ऋचा भारती उर्फ ऋचा पटेल (19) को रांची के व्यवहार न्यायालय से सोमवार को सशर्त जमानत मिल गई। अदालत ने आरोपी ऋचा को पांच कुरान सरकारी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में दान करने का निर्देश दिया। हालांकि, कोर्ट के इस फैसले पर ऋचा ने टिप्पणी की है और कहा कि जब दूसरे समुदाय के लोग ऐसा करते हैं तो उन्हें हनुमान चालीसा बांटने को क्यों नहीं कहा जाता? बता दें कि सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत में आरोपी युवती की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि युवती को पांच कुरान दान करना होगा। इनमें से एक कुरान सूचक सदर अंजुमन कमेटी पिठोरिया के मंसूर खलीफा को देना होगा। अन्य चार कुरान सरकारी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में स्वयं जाकर दान देने को कहा गया। इसी शर्त पर जमानत अर्जी स्वीकार की गई। नियम व शर्तों को 15 दिनों के अदंर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अदालत ने कुरान दान के दौरान युवती को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश पुलिस प्रशासन को दिया है। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी सात-सात हजार के दो निजी मुचलके पर स्वीकार की। शर्तों के आधार पर एक जमानतदार रिश्तेदार एवं दूसरा जमानतदार स्थानीय नागरिक बना। 

सदर अंजुमन कमेटी पिठोरिया के मंसूर खलीफा ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत करते हुए युवती के खिलाफ पिठोरिया थाना में 12 जुलाई 2019 को प्राथमिकी दर्ज करायी  थी। इसकी सूचना डीसी एवं एसएसपी को भी दी थी। उसकी शिकायत पर युवती को 12 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। युवती पर आपसी सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप है। 
इधर ऋचा पटेल के फेसबुक टिप्पणी मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के 5 कुरान की प्रति बांटने के अजीबोगरीब आदेश के बाद रांची जिले के वकील आंदोलित हो गए हैं। मनीष कुमार सिंह की अदालत का  बुधवार को बहिष्कार किया गया। वकीलों ने जज की ओर से दिए गए इस तरह के आदेश की जमकर मुखालफत की है।

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